Mohinka

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लेखनी कहानी -27-Jan-2024

ना झगड़ा ही हुआ कोई हमारा

ना कोई नाराजगी जताई गई
ना बहस हुई कोई बात पर
ना गलती कोई बताई गई
ना कोई रंजिश भी दिल में
ना ही कोई गलतफेमी है
बस कुछ अटक के रह गया
हम दोनों के दरमिया
एक बार उलझ ही लेते
और कह देते वो उलझन ही हल न हुई
ओर के साथ खुद को भी यकीन दिला लेते 
लेकिन हम दोनों ही हार गए 
जीत गई तो मेरी जिद ओर तेरी हार गई मोहब्बत 
               
                                                       

                          

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4 Comments

Mohammed urooj khan

30-Jan-2024 11:11 AM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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Alka jain

28-Jan-2024 05:05 PM

Nice

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Reena yadav

27-Jan-2024 12:22 PM

👍👍

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